Wednesday, March 24, 2010

आज सान्ध्यकालीन विशेष चर्चा हिंदी चिट्ठों की------------------------ललित शर्मा

भगवान श्री राम का जन्मदिवस धुम-धाम से मनाया गया,आज कुछ चिट्ठों की फ़टाफ़ट चर्चा करते हैं, अब मै ललित शर्मा आपको ले चलता हुँ आज की चर्चा हिंदी चिट्ठों की पर---
सबसे पहले चर्चा करते हैं ताउ डॉट कॉम पर जहां वैशाखनंदन सम्मान प्रतियोगिता प्रारंभ हो चुकी है। आज प्रकाशित किया गया हैवैशाखनंदन सम्मान प्रतियोगिता में : श्री ललित शर्मा हमने वैशाखनंदन सम्मान पुरस्कारों की घोषणा की थी. जिसके लिये हमें बहुत से मित्रों की प्रविष्टियां प्राप्त हुई हैं. जिनकी भी रचनाएं शामिल की गई हैं उन्हें व्यक्तिगत रूप से सूचित कर दिया गया है. जैसा की हमने बताया था कि शामिल प्रविष्टियों का प्रकाशन ताऊजी डाट काम पर किया जायेगा. उसी घोषणा अनुसार आज से हम प्रतियोगिता में शामिल रचनाओं का प्रकाशन शुरु कर रहे हैं.-----
इधर गगन शर्मा जी कह रहे हैं कि सचिन इसीलिए कुछ अलग सा है.आई पी एल नामक क्रिकेट के तमाशे में सम्मिलित टीमों के नामों पर गौर किया है आपने? चलिए मान लेते हैं कि ऐसी हुल्लड़ भरी नौटंकियों में भाग लेना है तो नाम भी ऐसे, वैसे, कैसे, कैसे ही होंगे, लोगों को रोमांचित...काव्य मंजुषा पर अदा जी कह रही हैं 'नीम हकीम ख़तरा-ए-जान' .....शेफाली जी पास होऊँगी या नहीं..?? * * *एक कहावत पढ़ी थी... * *'नीम **हक़ीम** ख़तरा-ए-जान' *बचपन से इसका मतलब यही जाना कि जिसे आधा ज्ञान हो उससे खतरा होता है, अंतरजाल खंगाल डाला तो कहीं मिला: नीम हक़ीम ख़तरा जान----
मनोज जी कह रहे हैं देसिल बयना 23 : मार खाई पीठिया -- करण समस्तीपुरी जय हो ! जय हो !! भये प्रकट किरपाला..... दीन-दयाला कौसल्या हितकारी........... !!! बधाई हो रामनवमी का त्यौहार !!! अरे राम नवमी से याद आया......... ओह ! कहाँ गया उ दिन ! हाथ-पैर से होली का... रानी विशाल जी एक कविता लेकर आई हैं वो पल.....अब भी मेरे पास है कांपते हाथों से मेरे हाथों को लेकर हाथ में जो चाहते थे कहना तुम शब्द वो भी बह रहे थे समय की तरह आँसूओं के साथ....!! भीगते जज्बातों का वो पल.....जब छुपाई थी अपनी आँखों की नमी एक दूजे से हमने,...
यहां पर देखिए वरिष्ठ आर्टिस्ट श्याम निनोरिया कृत थम्ब इम्प्रेशन चित्र !! *आर्ट गैलरी पर प्रस्तुत है रायपुर वरिष्ठ के आर्टिस्ट श्याम निनोरिया जी के द्वारा निर्मित ग्रीटिंग कार्ड* श्री श्याम निनोरिया जी द्वारा निर्मित थम्प इम्प्रेशन पेंटिंग----अग्रदुत पर विष्णु सिन्हा जी लिख रहे हैं कनू सान्याल की आत्महत्या नक्सलियों को इशारा है कि उनका रास्ता गलत है नक्सली आंदोलन के जनक कनू सान्याल ने फांसी के फंदे पर लटकर अपनी इहलीला समाप्त कर ली। 78 वर्षीय कनू सान्याल वैसे तो बुढ़ापे के रोगों से पीडि़त थे लेकिन आत्महत्या उनके सिद्घांतों पर प्रश्रचिन्ह तो लगाता ही है..
कुसुम ठाकुर जी ने एक बहुत ही अच्छी कविता लिखी है यह सोच मैं हूँ हैरान " यह सोच मैं हूँ हैरान " बहुत कठिन है साथ में हँसना , और किसी की खातिर रोना , सँग सँग जीवन पथ पर फिर भी , चलना है आसान , यह सोच मैं हूँ हैरान । महल से न कम घर होगा , क्या सोची थी यह कब होगा ? जीवन की स...---कुमारेंद्र सेंगरज जी कह रहे हैं अबे यार! कल एक 'डे' सूना-सूना निकल गया ! ! !गनपत- क्या यार! क्यों शान्त-शान्त से बैठे हो? मुँहफट- कुछ नहीं यार! कल एक डे निकल गया और हमें कानों-कान खबर भी नहीं हो सकी। गनपत- कौन सा डे, बे? हम तो सारे के सारे डे, दिवस, त्यौहार अपनी डायरी में न...
नवी्न प्रकाश ले आए हैं----नया Mozilla Firefox 3.6.2 Finalसबसे अच्छे इंटरनेट ब्राउजर का नया संस्करण Mozilla Firefox 3.6.2 Final सबसे तेज ज्यादा सुरक्षित और ज्यादा भरोसेमंद । आपके कंप्यूटर के लिए एक बेहद जरुरी औजार । यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करें । पोर्टेबल वर्जन...--नुक्कड़ पर लिम्टी खरे जी कह रहे हैं--हमारा पहला अद्भुत और अकल्पनीय अनुभव है पाड्कास्ट *हमारा पहला अद्भुत और अकल्पनीय अनुभव है पाड्कास्ट * ** * इंटरनेट का इन्द्रजाल समझना बहुत ही मुश्किल है। इंटर नेट पर जहां तक आप सोच सकते हैं आप उससे कहीं आगे जा सकते हैं। इसके साथ ही साथ ब्लाग ने तो धूम मचा ...
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अब चलते चलते कार्टुनो पर नजर डालिए




अब देते हैं विराम आपको रामनवमी की शुभकामनाएं और ललित शर्मा का राम-राम

23 comments:

महेन्द्र मिश्र said...

badhiya charcha ...

कृष्ण मुरारी प्रसाद said...

खरे-खरे चिट्ठों की तो खरी-खरी चर्चा सर जी.....
खोटे चिट्ठों की चर्चा कौन करेगा?...सर जी.
..................
विलुप्त होती... .....नानी-दादी की पहेलियाँ.........परिणाम..... ( लड्डू बोलता है....इंजीनियर के दिल से....)
http://laddoospeaks.blogspot.com/2010/03/blog-post_24.html

यशवन्त मेहता "फ़कीरा" said...

एक दम सोलिड चिट्टा चर्चा.......प्रभावशाली तरीका......शुभकामनाये

'अदा' said...

बहुत बढ़िया चर्चा..लगी...
मेरी प्रविष्ठी शामिल करने के लिए ..आपका आभार..

अजय कुमार झा said...

बहुत सुंदर चर्चा रही शर्मा जी एक दम धांसू फ़ांसू ..
अजय कुमार झा

Suman said...

nice

shikha varshney said...

Bahut achchhi charcha.

काजल कुमार Kajal Kumar said...

बढ़िया चर्चा रही आज की भी.

डॉ. मनोज मिश्र said...

सुंदर चर्चा ..

ताऊ रामपुरिया said...

वाह बहुत ही लाजवाब चर्चा. रामनवमी की घणी रामराम.

रामराम.

राज भाटिय़ा said...

सुंदर जी बहुत नाईस नाईस लगी आप की यह चर्चा

मनोज कुमार said...

सार्थक शब्दों के साथ अच्छी चर्चा, अभिनंदन।

मनोज कुमार said...

रामनवमी की शुभकामनायें!

दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi said...

सुंदर चर्चा!

Udan Tashtari said...

संध्याकालीन चर्चा भी खूब रही, बधाई.

दीपक 'मशाल' said...

Bakhoobi sabko simeta aapne Lalit sir..

शरद कोकास said...

तो अब शाम को भी बैठक जमने लगी ।

Dr Satyajit Sahu said...

BHAYE PRAKAT KRIPALA
DINDAYALA

हिमांशु । Himanshu said...

खूबसूरत चर्चा । आभार ।

दिगम्बर नासवा said...

बढ़िया चर्चा..

प्रशांत पाण्डेय said...

सुन्दर चर्चा बेहतरीन चिट्ठो की।

धीरज शाह said...

सुन्दर चर्चा

विजय प्रकाश सिंह said...

सुंदर चर्चा, मेरी प्रविष्ठी शामिल करने के लिए , आपका आभार |

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