Wednesday, October 28, 2009

गरिया रहे हो सरकारी टैक्स पेयर का पैसा फिजूल में उड़ाए गए।(चर्चा हिन्दी चिट्ठो की )

अंक : 61

प्रस्तुतकर्ता : पंकज मिश्रा

नमस्कार ," चर्चा हिन्दी चिट्ठो" में मै पंकज कुमार मिश्रा आप सब से मुखातिब हु ...आज बारी थी हमारे बड़े भाई हिमांशु जी की लेकिन भारतीय संचार निगम लिमिटेड में तकनीकी खराबी के चलते वो आज चर्चा करने में असमर्थ थे ....तो मै सोचा कि चलो मै ही आज की भी चर्चा कर दू .......तो लीजिये आप के सामने प्रस्तुत है चिटठा जो कि आपने ही लिखा है ......चलिए शुरू करते है ........
श्री दिनेश राय द्विवेदी जी की पोस्ट 
नाबालिग लड़की को भगाकर शादी करना सजा को न्यौता देना है।   भाई अगर कोई ब्लॉगर के दिमाग में ऐसी कोई बात हो तो त्याग दे  वकील साहब की बात माने…..

अगर कोई युवक किसी नाबालिग लड़की से प्यार करता हो और वह लड़की भी उसे प्यार करती हो,  दोनों घर छोड़ कर भाग जाएँ और विवाह कर लें। उस के बाद imageपरिवार वाले उन्हें पकड़ लें और लड़के पर बलात्कार और अपहरण का मुकदमा कर दें। लड़की भी युवक के खिलाफ बयान दे दे। ऐसी स्थिति में यह बताएँ कि लड़के के पास बचाव का क्या उपाय है?

आप के प्रश्न में लड़की नाबालिग है। नाबालिग लड़की को यह तय करने का अधिकार नहीं कि वह किस के साथ रहेगी या न रहेगी। ऐसी अवस्था में उस की सहमति हो तो भी वह वैध नहीं है। ऐसी अवस्था में किया गया विवाह भी जबरन किया गया बाल विवाह होगा। जब कि लड़की खुद युवक के विरुद्ध बयान दे रही है। लड़के के विरुद्ध अपहरण (धारा-366) और (धारा-376) दोनों ही अपराध तो साबित होंगे ही  बाल-विवाह का अपराध  साथ में और साबित होगा।

इलाहाबाद से 'इ' गायब - अंतिम भाग

गरिया रहे हो सरकारी टैक्स पेयर का पैसा फिजूल में उड़ाए गए। इस देश में और कहाँ कहाँ ऐसे कुकर्म होते हैं? जरा बताइए तो! नहीं होते न !बस ब्लॉगरी ही भ्रष्ट है।... क्या कहा? ऐसी बात नहीं लेकिन ब्लॉगरी को इन दोषों से बचना/बचाना चाहिए। अच्छा, पवित्र गैया की बड़ी चिंता है आप को ! बड़ा आत्मविश्वास है अपने उपर! जमाने को अपनी मुठ्ठी में बन्द रखेंगे! दुर्भाग्य(या सौभाग्य) से बहुत लोग ऐसे नहीं हैं। भ्रष्ट हैं न ! सुविधाजीवी प्रलापी। ..

अयोध्या नाम तो आप सभी जानते है ..प्रभु श्री राम चन्द्र  का जन्मभूमी ......आज आप लोग पढ़ लीजिये और भी कुछ बाते इतिहास ब्लॉग पर ....

image वाल्मीकि रामायण के अनुसार, अयोध्यापुरी को मनु ने बसाया था, जबकि स्कंदपुराण कहता है कि यह नगरी विष्णु के सुदर्शन चक्र पर बसी है। कुछ मतों के image अनुसार, अयोध्या श्रीरामचंद्र के धनुष के अग्रभाग पर स्थित है। कथा है कि त्रेता युग में भगवान श्रीराम पृथ्वी पर लीला समाप्ति के बाद समस्त अयोध्यावासियों को निज धाम ले गए। अयोध्या वीरान हो गई। बाद में श्रीराम के पुत्र कुश ने इसे फिर से बसाया। कहते हैं कि द्वापर युग में भगवान श्रीकृष्ण पटरानी रुक्मिणी के साथ अयोध्या आए थे। उनके नाम पर बना कुंड आज भी 'रुक्मिणी कुंड' के नाम से जाना जाता है।

रंजना सिंह जी का लेख क्षमादान !!!

image जन्मगत हों या स्वनिर्मित, ह्रदय से गहरे जुड़े सम्बन्ध, हमें जितना मानसिक संबल और स्नेह देने में समर्थ होते हैं,जितना हममे जोड़ते हैं,कभी कभार जाने अनजाने ह्रदय को तीव्रतम आघात पहुंचा हमें तोड़ने में भी उतने ही प्रभावी तथा सक्षम हुआ करते हैं...स्वाभाविक है, जो ह्रदय के जितना सन्निकट होगा, प्रतिघात में भी तो वही सर्वाधिक सक्षम होगा ....बाहर रहने वाले चोट पहुंचाएंगे भी तो वह ह्रदय तक तो पहुँच पायेगा नहीं..

"एक चेहरा"

इस कदरimage
बस गया है।
मेरी आंखों में
अब आइना भी
इज़हार करता है।

कि बन जाये आत्मा

बहना नदी की तरहimage

निरंतर, निर्विरोध और तीव्र वेग लिये

कि बन जाये आत्मा

एक नदी चंचल

और मिटा दे अपना अस्तित्व

मिलकर अपने इष्ट से ।

महफूज़ अली

हो तुम मेरा यथार्थ
ख़ुद राह मैं तलाशूंगा
जब तुम दोगी
मेरा साथ।
मुझे हर पल ज़रुरत है तुम्हारी,
जलते रहने के लिए,
धड़कते रहने के लिए,
मत आओ एक हवा के झोंके की तरह

दिगम्बर नासवा

खूब है मासूम सी अदा
बोलती आँखें यदा कदा
होठ से तेरे जो निकले
गीत मैं गाता रहूँ सदा
स्पर्श से महका जो तेरे
खिल रहा वो फूल सर्वदा
ग्वाल में राधा तू मेरी
बांसुरी बजती यदा यदा

आज के मैच के बारे में जानिए सगीता पूरी के साथ

कल जमथा नागपुर के विदर्भ क्रिकेट एशोसिएशन स्‍टेडियम में भारत और आस्‍ट्रेलिया के मध्‍य होने वाले दूसरे क्रिकेट मैच में ग्रह की स्थिति बिल्‍कुल सामान्‍य होने से दोनो टीमोंimage की स्थिति मजबूत होनी चाहिए। भारत की शुरूआत बहुत ही अच्‍छी रहेगी और लगभग दो घंटे तक भारत काफी अच्‍छा खेलेगा , जिसके कारण अंत अंत तक सामान्‍य खेलते हुए भी पहली पारी में इसकी स्थिति बहुत ही मजबूत बन जाएगी।
दुनिया अजब गजब
imageक्या आप जानते हैं कि कहने को तो सब जीव जंतु के खून का रंग लाल होता है पर टिड्डी एक ऐसा कीट है जिसका रक्त का रंग सफ़ेद होता है ..
तितली की स्वाद ग्रंथि उसके पिछले पैरों में होती है
हाथी के दांत दो या तीन बार नहीं पूरे जीवन काल में यह छः बार निकलते हैं

शहद आपको अच्छा लगता है पर इसको इकठ्ठा करने में सिर्फ़ एक पाउंड शहद बनाने में बीस लाख फूलों से पराग इकठ्ठा करती है मधुमखी.... कितनी मेहनत का काम है न

ओम आर्य

कभी पार्क की
फिसल पट्टी पे लेट कर
आधा चाँद देखते हुए
सोंचता हूँ अधूरे प्रेमों के बारे में
और 'रात को रोक लो' वाला गाना गाता हूँ
निकालता हूँ
अपनी पुरानी लिखी कवितायें
एक दो पढता हूँ

मृत्यु-कामना . (कविता)

 

किसी दिन,
- मर जाने की इच्छा करने लगता है,
दूसरी तमाम इच्छाओं की तरह,
उसकी यह इच्छा भी ,
या तो पूरी हो जाती है,
या बस कमजोरी या ताकत के साथ जीती रहती है ।
लेकिन तब हादसों का एक दौर शुरू होता है,
जब आदमी,
न तो जी रहा होता है

खबरों की खबर पर अजय कुमार झा जी है…

imageखबर :- बिग बास ने कमाल खान को बाहर निकाला । नज़र :- गलत किया बिग बास ने, और बिग बास ने ये किया ही क्यों.... काहे से कि जब बिग बास कुछ करबे नहीं करते हैं, अरे जौन कर रहे हैं या तो वहां घुसे हुए मेहमान खुद कर रहे हैं ....नहीं तो हमको छोड कर कुछ लोग जो एसएमएस करते हैं ..ऊ लोग कर रहे हैं.....वैसे हमको शक है कि कौनो एसएमएस करता भी है ...खैर छोडिये ई बात को..बात तो असली ई है कि बिग बास गलत किये कमाल खाल को बाहर निकाल के। देखिये जी ई माना कि ऊ देश द्रोही रहे हैं ....तो का हुआ ..अरे असली में थोडे हैं जी ....फ़िर सबसे जरूरी बात तो ये थी कि इस बात कि पक्की खबर थी कि अबकी जो कमाल खान थोडे दिन और बिग बास के घर में रह जाते .....तो अगला नोबेल उनको ही मिलना था पकिया था जी .....ई रोहितवा और राजू भाई गडबडा दिये सब ..एक ठो और नोबेल छूट गया ..चलिये का किजीयेगा सब्र किजीये।

अब बारी अतीत के झरोखे की

आज की प्रस्तुती है दीपक भारतदीप की ई-पत्रिका ब्लॉग से

‘सविता भाभी’ से मस्त राम पीछे- व्यंग्य आलेख

इंटरनेट पर पोर्न वेबसाईटों का जाल कभी खत्म नहीं हो सकता। देश के अधिकतर प्रयोक्ता ऐसा वैसा देखने के लिये ही अधिक उत्सुक हैं और उनकी यही इच्छा संचार बाजार का यह एक बहुत बड़ा आधार बनी हुई हैं।
एक मजे की बात है कि हमेशा ही नारी स्वतंत्रता और और विकास के पक्षधर सार्वजनिक रूप से अश्लीलता रोकने का स्वतंत्रता के नाम पर तो विरोध करते हैं पर अंतर्जाल पर ‘सविता भाभी’ की रोक पर कोई सामने नहीं आया। लगभग यही स्थिति उनकी है जो परंपरावादी हैं और अश्लीलता रोकने का समर्थन करते हैं वह भी इसके समर्थन में आगे नहीं आये।
इधर अनेक अंतर्जाल लेखकों ने यह बता दिया है कि ‘सविता भाभी’ पर कैसे पहुंचा जा सकता है। हमने यह वेबसाईट देखने का प्रयास नहीं किया मगर इस पर लगा प्रतिबंध हमारे लिये कौतुक और जिज्ञासा का विषय है। इधर हमारे एक पाठ ने जमकर हिट पाये तो वह जिज्ञासा बढ़ गयी।
हम भी लगे गुणा भाग करने। पाया कि मस्तराम उसके मुकाबले एकदम फ्लाप है।

अपने खुशदीप साहब की सुनिए और बताइये कि आपके बच्चों का रोल मॉडल कौन...है

image ये मैं नहीं कह रहा...दिल्ली में पब्लिक स्कूलों के बच्चों पर किए गए एक सर्वे से चौंकाने वाले नतीजे सामने आए हैं...इस सर्वे में 13 से 18 साल की उम्र के 500 बच्चों से सवाल पूछे गए...आम धारणा यही है कि बच्चे क्रिकेटर्स और फिल्म स्टॉर्स से सबसे ज़्यादा प्रभावित रहते हैं...जी नहीं सर्वे बताता है

अब " नजर-ए-इनायत "

image वर्ष-2009 : हिन्दी ब्लॉग विश्लेषण श्रृंखला (क्रम-5)-वर्ष -२००९ में जो कुछ भी हुआ उसे ब्लॉग की दुनिया ने किसी भी माध्यम की तुलना में बेहतर ढंग से नोटिस लेने की पूरी कोशिश की है। चाहे बिहार में बाढ़ हो या सुखा या फ़िर मुम्बई के आतंकवादी हमलों के बाद की परिस्थितियां

दोहरे मापदंड...-आज सुबह के अखबार में ख़बर पढ़ी कि कैसे एक उत्तर-पूर्वी लड़की की एक लड़के ने हत्या कर दी। हर अख़बार ने इस बात पर ज़ोर दिया कि वो लड़का एक सभ्रांत परिवार का था और ख़ुद भी बहुत पढ़ा लिखा था।
image वे--दोस्तों ने कहानी का एहतराम तो किया पर साथ ही इसरार भी कि इस ब्लाग को कविता के लिये ही आरक्षित रखा जाय…तो अब कवितायें ही रहेंगी यहां…लीजिये प्रस्तुत है कोई दस साल पहले लिखी यह कविता जो बाद में साखी मे छपी) वे सबसे ऊंची आवाज़ में नारे लगाकर भर देते हैं

image तेरी रुसवाई से, मेरी बेवफाई का इल्जाम अच्छा है--यह मेरे दर्द का फ़साना, कुछ झूठा कुछ सच्चा है शब-ए-हिज्र की हैं बातें, तुम ही सुनते तो अच्छा है कहकर तो देखो कभी, परियों की बातें उनसे हर संजीदा दिल में, सहमता हुआ एक बच्चा है इसी बहाने पहचान हो गई दोस्त दुश्मनों की

image नानक वाणी में प्रेमिका हैं प्रभु !!--गुरु नानक का जन्म रावी नदी के तटवर्ती गांव तलवंडी में वर्ष 1469 में कार्तिक पूर्णिमा के दिन हुआ था। बाद में यह स्थान ' ननकाना साहब ' के नाम से प्रसिद्ध हुआ। नानक की बड़ी बहन नानकी के नाम का अनुकरण करते हुए पिता कालू मेहता ने अपने बेटे का नाम नानक रखा

image अश्लील कौन : मकबूल फिदा हुसैन, बिहारी लाल, प्रेमचंद या कि हममैं ने कई बार कई जगहों पर पढ़ा और सुना है कि मकबूल फिदा हुसैन ने हिंदू देवी-देवताओं की कई अश्लील पेंटिंग बनाई थी। इसी कड़ी में सरस्वती की तस्वीर भी थी। गर एम. एफ. हुसैन का विरोध इसी मुद्दे पर हिंदू कर रहे हैं तो मुझे लगता है कि मकबूल फिदा हुसैन वाकई
image नवदुनिया में 'चोखेर बाली'भोपाल से प्रकाशित नवदुनिया में 26 अक्टूबर 2009 को चोखेर बाली की एक पोस्ट


image "नाम के कुत्ते - काम के वफादार" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक")स्वामीभक्ति की  जीती-जागती मिसाल - नाम के कुत्ते -  काम के वफादार, बिन झोली के भिखारी रोटी के  चन्द टुकड़ों के लिए - स्वामी पर  जान न्योछावर करने वाले- इन सदस्यों के हवाले  आज घर की पूरी रखवाली सौंपकर दिल्ली जा रहा हूँ।
राखी सावंत की रंगरेलियां, अभिभावक परेशानराखी और कंट्रोवर्सी का तो चोली-दामन का साथ है। वैसे भी रियालिटी शो पति, पत्नी और वो के चलते राखी कई बार चर्चा में आ चुकी हैं। लेकिन इस बार राखी के साथ उनके मंगेतर इलेश भी सुर्खियों में हैं।
image ताना न मारो मोहे तीर लागे ....

आज और इस क्षण मन कर रहा है कि एक पसंदीदा गीत को साझा किया जाय। कुछ सुना जाय , कुछ बुना जाय !अब कि ऐसे समय में जब चारो तरफ लगभग भुस - सा भरा हुआ है और जिसे देखिए वही अपने ही भीतर के हाहाकार से हलकान है और दोष बाहर के दबावों , प्रलोभनों , उठापटक को दिए


अब दीजिये इजाजत कल फिर मिलेगे
नमस्कार

21 comments:

अम्बरीश अम्बुज said...

itihaas ko bhi janne ka mauka mila aur jhaji ko bhi.. aur bhai dwivedi ji ne sachet bhi kar diya!!!
kul milakar bahut acchi charcha...

Suman said...

nice

Ratan Singh Shekhawat said...

बढ़िया चर्चा :)

संगीता पुरी said...

बहुत मेहनत से की गयी चर्चा .. कई लिंक मिले .. धन्‍यवाद !!

Dhiraj Shah said...

पंकज जी आप के बारे मे जितना सुना था उससे अधिक पाया ।
बहतरीन चर्चा।

ज्ञानदत्त पाण्डेय| Gyandutt Pandey said...

बहुत उत्कृष्ट।

Meenu Khare said...

आज की चर्चा बहुत पसन्द आई. बेहतरीन लिंक्स प्राप्त हुए. धन्यवाद.

श्रीश पाठक 'प्रखर' said...

बेहतरीन भाई...

Nirmla Kapila said...

ाज आपकी चर्चा से ही कई पोस्ट पढी कल कहीं जा नहीं पाई धन्यवाद अच्छी चर्चा है

दिगम्बर नासवा said...

खूबसूरत चर्चा है भाई ............... नए नए लोगों से मिलने का अवसर मिल जाता है आपके बहाने ..........

वन्दना said...

bahut hi zabardast charcha rahi......ek se badhkar ek rahi .

शिवम् मिश्रा said...

मिश्रा जी,
चर्चा में शामिल करने का बहुत बहुत धन्यवाद !
यु ही जारी रहे, शुभकामनाएं !

Arvind Mishra said...

झक्कास

दर्पण साह "दर्शन" said...

Bade Gande ho Pankaj Ji aap....

Meri subah subah 5 baje utkhaar aakhbaar padhne ki aadat churwa di na aapne?

:)

ताऊ रामपुरिया said...

वाह बहुत ही सुंदर चर्चा लगी.

रामराम.

पं.डी.के.शर्मा"वत्स" said...

बहुत ही बढिया रही चर्चा....
धन्यवाद्!!

गिरिजेश राव said...

हमें तो शीर्षक में ही जगह दे दिए। क्या कहूँ - शर्माय रहे हैं।
आप की चर्चा पर की गई मेहनत ही तो देखकर हम अपना 'आलसी' बैज हटा नहीं पा रहे हैं। ...नए चिठ्ठों को अलग से स्थान दीजिए न!... मुझे पता है कि बहुत श्रम का काम है लेकिन भार तो समर्थ की ही ओर जाता है।

चंदन कुमार झा said...

बहुत सुन्दर चर्चा । मुझे शामिल करने के लिये धन्यवाद

अजय कुमार झा said...

पंकज जी आज बधाई चर्चा के लिये नहीं दे रहा हूं ....आप शीर्षक भी कमाल का लगा रहे हैं...यानि सोने पर सुहागा...बहुत खूब जी...सच मायने में तो अब विकल्प की भूख थोडी शांत हुई है..आभार और शुभकामनायें...आपको और आपकी पूरी टीम को भी...

विनोद कुमार पांडेय said...

दिन प्रतिदिन चर्चों की तादात बढ़ती जा रही है और हम पढ़ रहे है बेहतरीन चिट्ठा चर्चाएँ आपके ब्लॉग पर आपके एस सराहनीय प्रयास के ज़रिए..बहुत बढ़िया प्रस्तुति..धन्यवाद!!!

Udan Tashtari said...

बहुत उम्दा चर्चा...गहराई से छांट कर लाये नगीने!!

पसंद आया ? तो दबाईये ना !

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