Saturday, December 26, 2009

स्टिंग आपरेशन की सारी तैयारियां पूरी, जल्द ही होगे बेनकाब गुनह्गार (चर्चा हिन्दी चिट्ठो की )

नमस्कार …पंकज मिश्रा आपके साथ !

आज शास्त्री जी
ने अपने ब्लाग पर चिट्ठाजगत के बन्द होने के कारणो पर गौर फ़रमाया है और बताये  है कि क्यु आजकल चिट्ठाजगत बन्द पडा है…शाश्त्री जी स्‍वामी ......... ताउ कहलाना पसंद करने वाला  जैसे ब्लाग प्रोफ़ाईल को ही इसका कारण मानते है हालांकि अब ये श्री मान  स्‍वामी क्षमाप्रार्थी बन गये है..

आज दिन भर मे ये महाशय खुशदीप भाई और सुनिता शानू जी के ब्लाग पर भी इसी नाम से कमेन्ट किया है …

अब बात यह आती है कि ये है कौन तो मै आप सबकी जानकारी के लिये बता दु कि इन महाशय के बारे मे सारी जानकारी इकट्ठी कर ली गयी है और जल्द ही स्ट्रिन्ग आपरेशन के तहत पेश किया जायेगा!

आपको याद होगा कि एक स्टिंग आपरेशन पहले भी हो चुका है तो अब ये भी आपरेशन आप सब देख ही लो और हा अगर इन महाशय को यह लग लग रहा है कि मै बस हवा मे बात कर रहा हु तो गलत समझ रहे है  ! बता दु कि यही दोस्त इससे पहले एक महिला के नाम से कई लोगो की तेल बाती जला चुके है ….यानी ये एक महिला के नाम से ब्लाग लिखा करते थे …और हा सारा प्रमाण हमारे पास पडा है ..और जल्द ही पब्लिश करुगा

अब बात आती है कि किसी को व्यक्तिगत गाली देने का मतलब कि आप उससे जलन रखते हो तभी गाली दे रहे हो और ताऊ जी को कोई गाली दे तो इसका मतलब कि वह ताऊ जी से जलता/जलती होगा/होगी …अब यह नही पता चल रहा है कि ये सचमुच के महिला है या पुरुष..खैर पता चल जायेगा..

और अब मै इनको ऐसा सबक सिखाऊगा कि ये जीवन भर याद रखेगे ..अगर हमारे ब्लाग जगत के वरिष्ठ ब्लागरो के खिलाफ़ खुलेआम गाली गलौज किया जा रहा है तो अब ये बर्दाश्त से बाहर है और आशा है कि हमारे इस आपरेशन मे आप सब भी हमारे साथ रहोगे ..

ताऊ जी और बाबा समीरानन्द के स्वामी बाबाओ से कौन-कौन लोग जलन रखते है  है आप सब भली भाती जानते हो ,,सहयोग की अपेक्षा…..आप सब से ..जल्द ही खुलाशा होगा इस खेल का और मैडम या तो महाशय होगे आपके सामने बेनकाब

“खिलौना”  फ़िल्म का गाना है खिलौना जानकर …..मेरा दिल तोड जाते हो…आज वह बात काफ़ी हद तक सही साबित हो रही है ….कुछ एक अमीर एक लाख गरीबो के साथ और सरकार भी कुछ ऐसे ही मजबूर गरीब आदमी का दिल तोड रही है ..अमीरी और गरीबी को एकदम सही से दर्शा रही है यह फ़ोटो…

ध्यान से देखिये image पतली अन्गुलिया गरीबी और मोटी अन्गुलिया अमीरी दर्शा रही है ….और जैकेट मे है सरकार  ……..

कुछ इसी तर्ज पर आज आनंद जी ने भी लिखा है   ,,,….कितना सही है जन्सन्ख्या के आधार पर योजनाओ का संचालन ?

imageरोटी,  कपड़ा और मकान जैसी मूल भूत समस्या आज भी इस देश मे मुह बाये खड़ी है । इस जमीनी हकीकत को  गाव सेimage लेकर शहर तक कही भी देखा जा सकता है । शहरो मे कूड़ो के ढेर पर पलते बचपन,छाती फ़ाड़ रिक्शा-ठेला चलाने वाले लोग,ईट भट्ठो पर काम करने वाले मजदूर या फ़िर सड़क और रेलवे लाइन के किनारे तम्बू डाल कर खाना बदोस जीवन जी रहे इन्सानो की दुर्दशा देख कर अन्दाजा लगाया जासकता है कि २०२०तक विकसित देशो की कतार मे खड़े होने का सपना देख रहे इस देश का ख्वाब किस हद तक साकार हो पाये गा ।

चलिये आगे बढते है और देखते है आज महफ़ूज अली साहब ने गजल लिखी है  पहली बार देखिये तो सही नाम तेरा अभी मैं अपनी ज़ुबां से मिटाता हूँ....: एक ग़ज़ल जो मैंने पहली बार लिखी....देख कर बताइयेगा...: महफूज़

मैं टूट जाऊँगा तुमने ये सोचा तो था,

पर देखो मैं पूरा नज़र आता हूँ.

मुझे छोड़ा था तुमने उस अँधेरे घर में,

अपने अन्दर ही मैं एक दीया पाता हूँ.

इन अंधेरों को जाना ही होगा घर से , 

रौशनी में नहा कर मैं  आ जाता हूँ.

हूँ.

image

अरविन्द मिश्रा जी बता रहे है एक अजूबा मेरे आगे -यह कैसा पीपल का पेड़!

image सचमुच यह पीपल का वृक्ष तो देखने के मामले में न भूतो न भविष्यति टाईप का ही लग रहा था -विस्मय और भयोत्पादक ! आखिर चैन बाबा के ठीक समाधि पर अवस्थित था वह! अब ऐसे दृश्य को देखकर  कोई नतमस्तक हुए बिना कैसे रह सकता है!लिहाजा  मैं तुरत नतमस्तक हो गया -आप भी देर न कीजिये ! फिर इतिहास पुराण की ओर ध्यान दिया -पता लगा कि बस्ती के ही एक ब्राह्मण पुरखे ने तत्कालीन समाज (समय का निर्धारण नहीं हो पाया -मगर बात २५०-300 वर्ष पीछे से कम की  नहीं है ) के सामंतों /जमीदारों के शोषण और अत्याचार से जीवित समाधि ले ली थी ! और कालांतर में यह पीपल का पेड़ वहां उग आया मगर इसमें कोई केन्द्रीय तना नहीं नहीं है -बस ऊपर से नीचे यह घनी पत्तियों से ढका है !

हंसी के हथोड़े मुर्र्र्रारी लाल के साथ !!! रेडियो शो का आनंद लीजिये !!!

जी हाँ दोस्तों १९.१२.०९ शनिवार को सुबह १० बजे से दोपहर १ बजे तक की लाइने सुनिए जिसमे चुटकुलों का तडका लगा है, मिमिक्री भी है|image
अपनी राय अवश्य दीजिये

समयचक्र पर है महेन्द्र मिश्रा जी और बता रहे है

पत्रकारिता साधना है . यह जीवन मूल्यों के संवर्धन का पथ प्रशस्त करता है . पत्रकारिता के धर्म का निर्वाह करने वाले कलम के सिपाही सदैव याद किये जाते रहेंगे . imageस्वर्गीय हीरालाल गुप्त कलम के सिपाही थे जिन्होंने पत्रकारिता को साधना मानकर स्वीकार उक्ताशय के विचार रानी दुर्गावती विश्वविदयालय के कुलपति डाक्टर आशुतोष श्रीवास्तव ने मुख्य अतिथि की आसंदी से व्यक्त किये . इस अवसर पर गुप्त स्मृति पत्रकारिता सम्मान से वरिष्ट पत्रकार दैनिक भास्कर समाचार पत्र के सलाहकार श्री गोकुल शर्मा को स्वर्गीय हीरालाल गुप्त सम्मान से और सव्य साची प्रमिला बिल्लौरे स्मृति सम्मान से वरिष्ट पत्रकार सनत जैन का मानपत्र शाल श्रीफल से सम्मानित किया गया . इस अवसर पर जबलपुर संस्कारधानी के ब्लॉगर महेंद्र मिश्र का सम्मान पत्र, शाल श्रीफल से सम्मान किया गया . हमें बाजारवाद को पत्रकारिता के उच्च मूल्यों पर हावी नहीं होने देना है .

this is Mr. thinker

image

image

okay! lets see another blog also

जब हो जाये दिवसान्त शान्त (गीतांजलि का भावानुवाद )

image If the day is done, if birds sing no more, if the wind has flagged tired, then draw the veil of darkness thick upon me, even as thou hast wrapt the earth with the coverlet of sleep and tenderly closed the petals of the drooping lotus at dusk. From the traveller, whose sack of provisions is empty before the voyage is endedm whose garment is...

खुल्ला खेल फ़र्रुखाबादी (154) : आयोजक उडनतश्तरी

क्या पहेली है !आप जरा देखिये और बताइये श्रीमान जी है कौन फ़ोटो मे

समाज में लिंग परीक्षण कर कन्‍या भ्रूण की हत्‍या की गलत परंपरा का फल भुगतना होगा हमें !!

image ज्‍योतिष जैसे विषय से मेरे संबंधित होने के कारण मेरे समक्ष परेशान लोगों की भीड लगनी ही है। तब मुझे महसूस होता है कि इस दुनिया में समस्‍याओं की कमी नहीं , सारे लोग किसी न किसी प्रकार के दुख से परेशान हैं। इसमें वैसे अभिभावकों की संख्‍या

इज़्ज़त की माँ की आँख ! इज़्ज़त को क्या घर में बैठके चाटने का है ? अपुन तो अपना इज़्ज़त हाथ में लिए घूमती हैं ...जितना चाहे ले लो....पर ब्रेक दे दो

अलबेला जी का ब्लाग

माफ़ी आज की इतनी ही चर्चा कल फ़िर मिलेगे ..

नमस्कार

26 comments:

Smart Indian - स्मार्ट इंडियन said...

उत्सुकता बढ़ती जा रही है. हिन्दी ब्लॉग में भी स्टिंग ऑपरेशन शुरू हो गए भाई?

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक said...

बहुत बधाई!
मुद्दों पर आधारित चर्चा सुन्दर रही!

हिमांशु । Himanshu said...

कुछ लोग पर्दे से बाहर आयेंगे - हमें भी उत्सुकता है ।

हमें तो इतना पिचकाय दिये हैं आप कि न पूछिये !
चर्चा का आभार ।

मनोज कुमार said...

सार्थक शब्दों के साथ अच्छी चर्चा, अभिनंदन।

Arvind Mishra said...

वाह, एक स्टिंग आपरेशन उधर भी हुआ है और अब इधर भी .....नतीजे हौलनाक ही हैं /होगें !
आज की चर्चा के कई लिंक नए से लगे -पढता हूँ ! शुक्रिया !

ललित शर्मा said...

पंकज भाई-स्वागत है आपरेशन का। "गुमड़ा" फ़ुटना ही चाहिए। सुंदर चर्चा आभार

AlbelaKhatri.com said...

bahut achha !

Mishra Pankaj said...

Himanshu bHai...sorry

Suman said...

nice

खुशदीप सहगल said...

पंकज भाई,
मेरी चिंता को स्थान देने के लिए आभार...इंतज़ार रहेगा ब्लॉग के अब तक के सबसे बड़े स्टिंग ऑपरेशन का...

जय हिंद...

संगीता पुरी said...

वाह !!

निर्मला कपिला said...

ारे पंकज जी क्यों डरा रहे हैं? वैसे इंतज़ार हमे भी रहेगा ब्लॉग के अब तक के सबसे बड़े स्टिंग ऑपरेशन का। उतसुकता बढ रही है चर्चा बहुत अच्छी लगी शुभकामनायें

रंजना [रंजू भाटिया] said...

चर्चा पसंद आई इन्तजार रहेगा इस के नतीजे का

काजल कुमार Kajal Kumar said...

स्टिंग !
(बेचारे तिवारी जी भी बुढ़ापे में फंस गए.)

वन्दना said...

sting operation............baap re!.........ab bloggers ka bhi sting.........matlab sting ne yahan bhi apna jaal faila liya.

राज भाटिय़ा said...

भाई मुझे तो समझ नही आती कि हम हर जगह जलन से ही क्यो रहते है? ताऊ ओर समीर जी से भी जलन?? चलिये लोगो को अब क्या कहे, आप की यह चर्चा अच्छी लगी

Murari Pareek said...

स्टिंग ओपरेशन जल्द कामयाब हो उपद्रवी को बेनकाब करना सचमुच सराहनीय कार्य !! चलिए अब राहत महसूस हो रही है !!! जलन खोर तो खैर हर दुनिया में हर क्षेत्र मिलेंगे ही पर सब एक हो कर मुह तोड़ जवाब दें तो अपने आप छू मंतर हो जायेंगे !!!

ज़ाकिर अली ‘रजनीश’ said...

Hamen prateekshha rahegi.

--------
क्या आपने लोहे को तैरते देखा है?
पुरुषों के श्रेष्ठता के 'जींस' से कैसे निपटे नारी?

गौतम राजरिशी said...

अरे वाह!...इंतजार है बेसब्री से!!

Udan Tashtari said...

आपने तो तहलका कर डाला...सबके साथ हम भी टकटकी लगाये हैं..एक जिज्ञासा तो बनी ही हुई है कि आखिर क्षमा मांगू तो किससे??

:)


आईये और बताईये!!

Udan Tashtari said...

लिंकस अच्छे मिले आपकी चर्चा से, बधाई.

cmpershad said...

गुमनाम है कोई..... बदनाम है कोई....:)

पं.डी.के.शर्मा"वत्स" said...

ऎसे लम्पटों को तो बेनकाब किया ही जाना चाहिए.....
अपके स्टिंग आप्रेशन की प्रतीक्षा रहेगी !

Mahfooz Ali said...

ऎसे लम्पटों को तो बेनकाब किया ही जाना चाहिए.....
अपके स्टिंग आप्रेशन की प्रतीक्षा रहेगी !

दिगम्बर नासवा said...

कुछ नये और अच्छे लिंक दिए अपने ......... अच्छी चर्चा रही .........

महेन्द्र मिश्र said...

कुछ लोग पर्दे से बाहर आयेंगे....

पसंद आया ? तो दबाईये ना !

Followers

जाहिर निवेदन

नमस्कार , अगर आपको लगता है कि आपका चिट्ठा चर्चा में शामिल होने से छूट रहा है तो कृपया अपने चिट्ठे का नाम मुझे मेल कर दीजिये , इस पते पर hindicharcha@googlemail.com . धन्यवाद
हिन्दी ब्लॉग टिप्स के सौजन्य से

Blog Archive

ज-जंतरम

www.blogvani.com

म-मंतरम

चिट्ठाजगत