"नत्तू पांड़े की माई की सख्त हिदायत थी कि उसके सुपुत्र का कोई न्यूड वीडियो न लिया जाये। उसको यह आशंका है कि इस वीडियो का (भविष्य में) नत्तू की शादी के अवसर पर ब्लैक मेल करने हेतु दुरुपयोग हो सकता है। मेरे जैसे तहलकाई के पास कोई चारा न बचा सिवाय स्टिंग ऑपरेशन (हिन्दी में क्या कहेंगे – डंक-संचालन या दंश-अभियान/दंशाभियान?) के। बाथ रूम में जब नत्तू पांड़े को नहलाया जा रहा था तो उनका खिड़की से वीडियो उतार लिया!"गिरिजेश जी के एक आलसी का चिट्ठा पर अरविन्द जी ने अतिथि पोस्ट दी है - तीसरा भाग पूर्वार्द्ध : अलविदा शब्द, साहित्य और ब्लॉगरी तुम से भी..(लंठ महाचर्चा)
नये साल पर बोदूराम के साथ क्या हुआ पढिये पंकज मिश्रा के ब्लाग पर…..किस यु ऐन्ड योर फ़ेमिली..हैपी न्यु ईयर-बोदूराममहान चिन्तक, दार्शनिक अरस्तू का मानना था कि मानव मात्र का अन्तिम लक्ष्य/अभीष्ट सुख की प्राप्ति है। आखिर कौन नहीं चाहता सुख। पशु-पक्षी कपि-भालू, नर-वानर, ऋषि-मुनि सभी तो सुख चाहते हैं। हाँ, यह बात दीगर है कि पशु पक्षियों में सुख की वह अनुभूति नहीं होती जैसी कि प्रकृति की श्रेष्ठतम कृति मानव में होती है। पशुओं में सुखानुभूति महज एक जैवीय ``उद्दीपन प्रतिक्रिया´´ के ही दायरे में सीमित होती है। मानव ने अपने अद्वितीय और अद्भुत सांस्कृतिक विकास की यात्रा में कई तरह के ``सुखों´´ के अन्वेषण-अनुभूति के पड़ाव तय किये हैं-सांसारिक (भौतिक) सुख, आध्यात्मिक (मानसिक) सुख और यहाँ तक कि ``परमानन्द (सच्चिदानन्द ) तक की प्राप्ति´´ का सुख जिसके पश्चात् फिर किसी और सुख की चाह ही नहीं रह जाती। यही मोक्ष (निर्वाण) है।
हुआ यु की की बोदूराम ने नए साल पर सबको मैसेज करने की सोची ..और किया भी और मैसे ज में वो लिखना चाहा कि...नववर्ष के सन्दर्भ में इनके विचार देखिये -
WISH YOU & your family HAPPY NEW YEAR
लेकिन गलतीसे w की जगह दब गया k और हो गया
KISS you and & your family happy new year
अब तो आप समझ ही गए होगे कि कैसा बवाल हुआ होगा
बोदूराम ने जल्दी से मेल अटैच्मेन्ट खोली और चलाया तो पहली लडकी आयी और बाय़ बाय़ की दुसरी लडकी आयी तो वेलकम की थोडी देर बाद दोनो लडकी साथ मे आती है और अपना टी शर्ट और जीन्स निकालकर हवा मे लहराकर नाचने लगती है..अब तो बोदूराम को काटो तो खून नही ..
तो दोस्तो यह तो बात हुई बोदूराम की और और मेरा तो सही ही था ..आप सबको देरी से ही सही नये साल की शुभकामनाये ...
नया साल मुबारक: कुछ और रास्ते मिले, कुछ और रास्ते खुले...
एक दिन अचानक मुहँ बिरायेगा आयना, चांदी के तार झलकेंगे कपास की खेती में बदलने से पहले, तुम फिर फ़िराक में रहोगे, अभी भी पकड़ में है वक़्त, कुछ और दिन के लिए मुब्तिला कर दोगे खुद की तलाश. वक़्त के बदलते घोड़े की घुड़सवारी नहीं करोगे, उसकी थापों की थाह लोगे, तब जब वों एक फासले तक गुजर चुकी होंगी. फिर सुनोगे उसे एक भूली तान के भ्रम में, या किसी आहट के अंदेशे में। दुनिया बदलने की खुमारी में डूबे तुम, एक कोने दुबके रहे और उतनी देर में बदल गया है दुनिया का धरातल, कुछ वैसे नहीं जैसे चाहा था तुमने, जैसा अंदेशा था दन्त कथाओं में, जैसी उम्मीद कायम थी कत्लो-गारद की भरी पिछली सदी में.
खुशदीप जी का ब्लॉग देशनामा लाया है खास - नये साल पर दो करोड़ के ठुमके का चोंचला...खुशदीप
लो जनाब आ गया 2010 भी...आधी रात को माहौल देखना था...ऐसे जैसे घड़ी की सुइयां बारह पर पहुंचेंगी तो न जाने क्या कुछ अनोखा हो जाएगा...देवदूत आसमां से नीचे उतर आएंगे...देवदूत तो क्या उतरते हां गले से गैलन के गैलन सोमरस ज़रूर उतर रहा था..चलिए आपको नए साल के तीन अक्स दिखाता हूं...आप सोचिएगा कौन से अक्स के करीब हैं या कौन से अक्स का दर्द करीब से जानना चाहते हैं...ताऊ जी के ब्लॉग पर पहुँचिये -ओम पराया माल गटक जा भैरु..गटक गटक भैरु..
धीरू जी की शुभकामनायें कबूलिये, और कहनी सुनिये -हे २००९ तुम जाते जाते महंगाई ,आतंक को भी अपने साथ ले जाओ . नववर्ष की हार्दिक शुभकामनायेप्रिय बहनों और भाईयो, नये साल मे आपका हार्दिक स्वागत है. पिछला साल कल ही तो बीता है. हर साल बीतते बीतते हम कुछ बुरी बातें छोडने का संकल्प लेते हैं. कुछ अच्छी बातें अपनाने का संकल्प करते हैं. पर अगर मैं आपको इमानदारी से कहुं तो मानवीय मन ऐसा है कि कहीं टिक नही पाता. यानि जिसका जैसा स्वभाव पड गया वो उसी के अनूरुप व्यवहार करता है. यानि ले देके वही रामदयाल और वही गधेडी.
आ गया है साल नूतन, ख़ुशियों की सौगात लेकर,
करें इसका मिलके स्वागत जोश और ज़ज़्बात लेकर।
याद मन में अपने कर लें, मुस्कुराते बीते कल को
उम्र-भर रोना नहीं, बिगड़े हुये हालात लेकर।
आओ नज्मों में मिला लें, सबसे मीठी प्रेम-भाषा,
हो ग़ज़ल कामिल हर शै, क़लम और दावात लेकर।
नये वर्ष की चर्चा लेकर महेन्द्र जी आये हैं कुछ संकल्पों की याद दिलाने - चिट्ठी चर्चा : चलो हम नए वर्ष के प्रथम दिन को संकल्प दिवस बना लें हम
नया साल नई उम्मीदे लेकर आता है . दिमाग में नई सोच पुराने विचार कुछ नयापन लेकर और ढेरो आशाये लेकर आता है तो स्वाभाविक है की वर्ष २०१० में कुछ नया कर गुजरने की लालसा जरुर होती है . समाज के उत्थान का संकल्प ले. विकलांगो की सेवा करें . कठोर परिश्रम करे . नैतिक विकास का संकल्प ले आदि आदि .. " चलो हम नए वर्ष के प्रथम दिन को संकल्प दिवस बना लें हम " " एक नये संकल्प-सोच से पुरातन पंथो को बदलने का बीड़ा उठा लें हम "
एक बार पुन: सभी को नववर्ष की मंगलमय कामनाये ! चलो नए साल की शुरुआत की जाये इस भोंडी सी गजल के साथ;

दूरी क्यों रही, ये वजह ना ही पूछें तो अच्छा है. कुछ अपना चेहरा नज़र आएगा ,कुछ अपने ही लोगों के बदसूरत चेहरे दिखाई देंगे, सो क्यों न इस बात को यहीं छोड़ दिया जाए......
ब्लॉगरों के सम्मान के लिये दो महत्वपूर्ण निर्णय यह रहे - पहला है -20 श्रेणियों में ब्लॉग के लिए दिये जाने वाले 'संवाद सम्मान' हेतु ऑनलॉइन नॉमिनेशन शुरू। कृपया अपना योगदान देकर इस आयोजन को सफल बनाएँ।
दूसरा है अलबेला जी का यह निर्णय -ब्लोगर मित्र अपना कीमती मत दें और स्वयं चुनें ब्लोगर 2009 और टिप्पणीकार 2009 के लिए सही नामजैसा कि आप अवगत ही हैं कि सकारात्मक ब्लॉगिंग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 20 श्रेणियों हेतु प्रस्तावित 'संवाद सम्मान' का आयोजन किया जा रहा है। इस हेतु ब्लॉग जगत के प्रतिष्ठित 25 लोगों से नॉमिनेशन मांगे गये थे। इस सम्बंध में साथियों द्वारा दिये गये सुझाव के अनुसार ऑनलॉलन नॉमिनेशन भी आज से शुरू किया जा रहा है।
मुझे ये बताते हुए बड़ा आनन्द है कि आगामी 24-25 अप्रेल 2010 को सूरत में एक विराट सांस्कृतिक समारोह में वर्ष 2009 के लिए हिन्दी ब्लॉग जगत की दो ऐसी हस्तियों को वार्षिक सम्मान से सम्मानित किया जाएगा जिन्होंने अपनी रचनाओं और टिप्पणियों से हिन्दी ब्लोगिंग को आगे बढ़ाया तथा लोकप्रिय बनाया । इस सन्दर्भ में पहला सम्मान उस सक्रिय ब्लोगर को भेन्ट किया जाएगा जिसने वर्ष भर अपनी लेखनी चलाई और सार्थक लेखन किया । सम्मान्य ब्लोगर को रूपये 25 हज़ार नकद, सम्मान-पत्र एवं शाल-श्रीफल भेन्ट किये जायेंगे ।
यह एक महत्वपूर्ण लिंक है मेरे लिये - साहिबे-कुरआन मुह्म्मदुर्रसूलुल्लाह (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) मुहम्मद साहब का संक्षिप्त जीवन परिचय भाग-1... Short Life Story Of Allah's Messanger Mohammad
अदा जी के ब्लॉग पर गुलाबी मौसम के बारे में -
अल्लाह ने अपने आखिरी नबी, मुह्म्मदुर्रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम पर अपना आखिरी पैगाम कुरआन शरीफ़ नाज़िल किया था। कुरआन शरीफ़ जो सारी इन्सानियत के लिये नाज़िल हुआ है, जो रहम और बरकत की किताब है। अगर आपको एक मुस्लमान की ज़िन्दगी क्या होती है देखनी है तो आप नबी करीम मुह्म्मदुर्रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की ज़िन्दगी से अच्छी मिसाल दुनिया में कोई नही है।

पहलू में मौसम गुलाबी हुआ है सासों में सुर्ख़ी सी छाने लगी है पतझड़ की पाती सावन की केहुनी इशारों की दुनिया बुलाने लगी है वो बूटों में सजता है तारों में रचता शै अनजानी शक्ल जानी लगी है बातों की पायल किस्सों के झूमर गीतों की दुनिया गुनगुनाने लगी हैंसीमा जी के ब्लॉग कुछ कवितायें कुछ हैं गीत से -आने दो खुशियों से भरे नए साल को
सभी दोस्तों ,आदरणीयों को नववर्ष की हार्दिक शुभकामनायें । मन से निकल दो सब मैल को, मलाल को । आने दो खुशियों से भरे नए साल को । बीती सो बात गई , अंधियारी रात गई . नव प्रभात आया है , लेकर सौगात नई । फैलने दो मन आँगन, प्यार के गुलाल को । आने दो खुशियों से भरे नए साल को ।जाते-जाते हिमांशु के ब्लॉग पर की गयी राम जी से फरियाद नये साल पर -
खत्म करता हूँ !न ये साल में रामजी, इतनी-सी फरियाद, बना रहे ये आदमी, बना रहे संवाद। नये साल में रामजी, बना रहे ये भाव, डूबे ना हरदम, रहे पानी ऊपर नाव । नये साल में रामजी, इतना रखना ख्याल, पांव ना काटे रास्ता, गिरे न सिर पर डाल। नये साल में रामजी, करना बेड़ा पार, मंहगाई की मार से, रोये ना त्यौहार ।
18 comments:
बहुत उम्दा और बेहतरीन चर्चा की है, हेमन्त. वाह!!
जारी रहो!!
बहुत बढिया चर्चा !!
सक्रिय हुए ! अच्छी बात है !
सुन्दर चर्चा ।
Hemant ji,
aapka swagat hai..
bahut badhiya rahi charcha..
aabhar..
सुगठित चिटठा चर्चा
बहुत बढिया चर्चा!
आप को ओर आप के परिवार को नववर्ष की बहुत बधाई
लाजवाब चर्चा- नहीं छूटा कोई पर्चा
नववर्ष की मंगलमय कामनाये !
बढियां चर्चा हेमंत जी .......आगे भी मुन्तजिर हैं हम !
सुंदर चर्चा- नुतन वर्ष मंगलमय हो।
बढ़िया चर्चा!
बधाई!
बहुत बढिया चर्चा.
रामराम.
बहुत बढिया चर्चा, नववर्ष की मंगलमय कामनाये
regards
बहुत बढ़िया चर्चा . मेरी पोस्ट चर्चा के लिए आभार . नववर्ष की अनेको शुभकामनाये ...
नया वर्ष हो सबको शुभ!
जाओ बीते वर्ष
नए वर्ष की नई सुबह में
महके हृदय तुम्हारा!
बहुत ही सुंदर और व्यापक चर्चा रही हेमंत भाई आभार
बहुत उम्दा और बेहतरीन चर्चा !
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